Hamara Desh Hamari Jimmedari part 1
मैं शाम को shopping करके घर लौट रही थी। गली में घुसते ही एक दीवार पर कुछ लोग paint से लिख रहे थे -बेटी बचाओ। मेरी नजरें तो वही अटक गयी पर कदम घर की तरफ बढ़ रहे थे। वो दीवारे, गली ,नुक्कड़ सभी मेरी आखो के सामने घूम रहे थे जहां स्लोगन लिखा था- बेटी बचाओ।
अंदर से जोर- जोर से आवाज आने लगी - ⧭

सरफिरे मनचलों से -बेटी बचाओ।
गुंडे मवालियों से -बेटी बचाओ।
घूरती हुई नजरों से -बेटी बचाओ।
दहेज़ के लोभियों से -बेटी बचाओ।
भ्रूणहत्या से -बेटी बचाओ।
ये शोर इतना तेज था की मैं घर की DOOR BELL बजाने की बजाय दरवाजा पीटने लग गयी। जल्दी से माला ने दरवाजा खोला-घर पर काम करती है।
इससे पहले की मैं कुछ बोलती -माला जोर- जोर से रोने लगी, मेमसाब मेरी तो किस्मत ही खराब है ,😢😢😢
अब मैं क्या करू ? मैं डाट कर बोली बात क्या है ये बताओ ?
तभी पीछे से सासु माँ की आवाज आयी -"बेटा सब परवरिश का ही नतीजा है अगर बचपन से ही अपने बच्चे की
तरफ ध्यान देती तो आज किस्मत को नहीं कोसती.... माँ बाप की पूँजी उनके बच्चे ही तो होते है, जो समाज का आइना बनते है। यही समाज देश बनता है"।
मैं बोली माँ बात क्या है आप देश और समाज की बाते क्यों कर रहे हो ? और माला तुम रो क्यों रही हो ?
माँ फिर से बोली "ये क्या बताएगी, बेटा मैं बताती हू -इसका बेटा लड़की को छेड़ते हुए पकड़ा गया ,लड़की ने तो तमाचा मारा ही, पुलिस के डंडे पड़े सो अलग। उसके ही मरहम पट्टी करके आ रही है उसका ही दुःख जता रही है।
इतना कहना था की माला के तो स्वर ही बदल गए -"माँ जी आप तो ऐसे बोल रही है जैसे मैंने ही समाज को बिगाड़ा है न जाने कितने लड़के रोज क्या-क्या करते है? अभी मेरा बेटा तो बस 15 साल का ही है ,हां माना गलती हो गयी आगे से नहीं करेगा।आपको पता है उसको कितनी जोर से मारा है वो बैठ भी नहीं पा रहा है।
माँ बोल पड़ी -हां तो ठीक ही तो है "जैसी करनी वैसी भरनी "कह देती हू माला अपने बेटे के गुनाहों पर पर्दा डालना बंद कर वरना कल कोई बड़ा काण्ड करके आएगा तो नजरें भी नहीं उठा पायेगी। इस माँ के
प्यार से बाहर निकल कर सोच हमारे देश को एक अच्छा नागरिक देना हमारी ही जिम्मेदारी है। "
कहते - कहते माँ अपने कमरे में चली गयी।
माला तो सन्न खड़ी बस माँ को घूरती रही। मैंने माला को एक गिलास पानी दिया और आराम से बिठाया। माँ की बातो ने उसकी आधी नींद तो उड़ा ही दी थी। मुझे तो बस होश में लाना था।
मैं बोली "माला ये तुम नहीं तुम्हारा अपने बेटे के प्रति प्यार माँ से लड़ रहा था। उस प्यार में तुम्हे अपने बेटे का दर्द तो दिख रहा है पर उस लड़की के दर्द का अहसास तुम्हे नहीं हुआ। तुम तो खुद एक बेटी की भी माँ हो। अपनी बेटी के लिए एक सुन्दर भविष्य और अच्छे समाज की कल्पना करती हो तो वो समाज कोई और नहीं बनाता हम सभी के घरो के सदस्यों से ही बनता है।
अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा एक माँ से पहले तुम एक ओरत हो उस नाते तुम्हारी जिम्मेदारी बनती है की तुम्हारा बेटा अपनी बहन से सभी लड़कियों से ओरतों से अच्छा व्यवहार करे। एक अच्छे व्यक्ति की नींव घर से ही पड़ती है। एक माँ में ही वो ताकत होती है की जो अपने बच्चे को प्यार से, मार से, या सख्ती से मोम की तरह किसी भी आकार में ढाल सके। आज तुम्हे समझना बहुत जरूरी है की अगर वो एक अच्छा इंसान बनेगा तो तुम्हारा घर ही नहीं ये समाज, ये देश, सभी अच्छा बनाएगा।
माला ने चुप्पी तोड़ी -मेमसाब आप सही कह रही है मुझे मेरी कमी दूर करके मेरे बेटे को सही रस्ते पर लाना ही होगा ,वरना कल बहुत देर हो जाएगी। मैं अब घर जाती हूँ।
माला जल्दी में थी अब उसके साथ साथ एक जिम्मेदार माँ भी घर जा रही थी। मम्मी बहुत तेज भूख लग रही है... क्या बनाया है ? लो अब मेरी भी दो जिम्मेदारी बुला रही है।
मैंने तो देश के प्रति एक जिम्मेदार माँ बनने की तैयारी कर ली है। ( और आपने ? )
Sach me agar ham sabhi maayen bhi is maamle me apnee jimmedaari theek se nibhaayen to kaafi had tak is samasya ka samadhaan ho sakta hai.
जवाब देंहटाएंबचपन से सिर्फ लड़कियों को ही सारे सलीके सिखाये जाते है। अगर सही मायने में देखा जाए तो जितनी अकल हम अपनी लाड़लियों को देते है बचपन से उनमें से कुछ लड़कों को भी बचपन से दिया होता तो आज ये सब होता ही nai
हटाएंजितनी ज्यादा लड़कियों को education intelligence and संस्कार देते है उससे भी ज्यादा लड़कों को जर्रोरत है उनको भी eqally....Moral values देने चाहिए क्योंकि ये बहुत गलत धारणा है कि सिर्फ बेटी की इसलिए संस्कार देने चहिये क्योंकि वो पराये घर जाएगी एक माँ एक पत्नी एक बहु बन कर अपने माँ बाप का नाम ना नीची करे,🤗🤗में पूछती हूँ कि क्या लड़के को संस्कार तहज़ीब नही मिलने से वो पूरे समाज के लये खतरा बन सकते हैं KYU HAR BAAT PAR BETI HI KYU....BETEY KO BHI SAMJHAYA JAYE..TABHI SAMAJ SUDHREGA..SJURUAAT HAMEIN APNE GHAR SE HI KARNI CHAHIYE