Proud to be a housemaker
नारी मैं जननी जन- जन में बसती , आधार सृष्टि सबकी शक्ति , वात्सल्य, प्रेम की मूरत हूँ , हर घर में ज्योत मेरी जगती। भारतीय समाज में नारी की जगह वही होती है जो मानव शरीर में आत्मा की होती है ,जो सम्पूर्ण कार्य के संचालन का केंद्र होती है। नारी - जो मकान को घर बनाती है ,घर में परिवार बसाती है ,परिवार में रिश्ते- नातों के फूल लगाती है ,इन्ही रिश्तो की अनूठी परम्परओं को ,हमारे संस्कारों को ,संस्कृति को, एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाती है। घर परिवार की छोटी- बड़ी सभी जिम्मेदारियों को निभाते हुए, अपने घर में ऐसा वातावरण तैयार करती ताकि सभी सदस्य अपने सपनों को सच कर सके। परिवार में निरन्तर आशा की लौ जलाती है ,प्रेरित करती है की उन्हें मंजिल मिले और वे समाज में गर्व के साथ अपना योगदान कर सके। इ...