रिटायरमेंट पार्टी"
" रिटायरमेंट पार्टी" आज रागिनी को, साँस लेने की भी फुर्सत नहीं है, क्योंकि शाम को,बहुत ही आलीशान पार्टी होने वाली है, उसके पति नीलेश के रिटायरमेंट की खुशी में। इतने दिनों की योजना बनाते-बनाते, आज वो दिन आ ही गया।जब ,पूरा परिवार इस खुशी में शामिल होने वाला है। दूर-दूर से रिश्तेदार आए हैं, बड़े-बड़े मेहमान भी आने वाले हैं। निलेश अपनी कंपनी के सीईओ पद से सेवानिवृत्त हुए हैं । राहुल-हां मेरी मां बिल्कुल चिंता मत करो। मैं सब कुछ अपनी आंखों से देख कर आया हूं। सब काम एकदम टाइम पर हो रहा है, बस आप अच्छे से तैयार होकर टाइम पर वहां पहुंच जाना। रागिनी -बहुत अच्छे बेटा मैं बस, अब पार्लर ही जा रही हूं ,सीधे वहीं पर ही पहुंच जाऊंगी ।पापा को टाइम से ले जाना,और हां, कविता और कृष्णा मेरे साथ ही वहां पहुंचेगीं। शाम को पार्टी हॉल के बाहर जैसे ही रागिनी की गाड़ी आकर रुकी, गेट खोलते ही सामने निलेश खड़े थे, रागिनी की तरफ हाथ बढ़ाते हुए। रागिनी -आप क्या कर रहे हो? आपको तो अंदर , नीलेश बीच में -तुम्हारे बिना मैं अंदर क्या करूंगा, दोनों साथ चलेंग...